क्या है MICR Code? और कैसे अलग है ये IFSC Code से?

By | August 14, 2019

MICR code और IFSC code ऐसे codes है जिसके द्वारा आप अपने सभी financial transfers को आसानी से और fast तरीके से कर सकते है। अगर आप बिना MICR number के या IFSC code के बिना पैसों का लेन देन करते है एक bank से दूसरे बैंक में तो, हो सकता है कि आपको उसमे कठिनाई हो या आपका money transfer fail हो जाए। तो यदि आपको MICR code के बारे में जानकारी नही है तो आप इस post को पढ़ते रहे इसमें हम आपको MICR code के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करेंगे।

अगर आप किसी व्यक्ति से cheque को लेते है तो आप उस वक़्त cheque पर MICR CODE को ज़रूर check कर ले कई बार fraud लोग निकली चेक देकर आपको बेवकूफ़ बना देते है और जब आप उस cheque को cash करवाने के लिए बैंक में जाते है तब आपको पता चलता है कि यह cheque निकली है और जब तक आपको असलियत का पता लगता है तब तक आप ठगे जा चुके होते है।

MICR CODE कर द्वारा ही सही bank और cheque की पहचान होती है और इसी के द्वारा आपके सभी transactions को भी सफल तरीके के करने में मदद मिलती है।

अगर अपने कभी cheque को बनवाया है या यदि अपने कभी cheque को देखा होगा तो अपने यह notice किया होगा कि एक white पट्टी पर black ink से बहुत ही अजीब तरीके से कुछ number लिखे होते है। वो एक खाश प्रकार की machine के द्वारा लिखा गया होता है जिसे MICR printer कहते है। और जिसकी मदद से आपके account और cheque के सही होने की पहचान होती है। तो चलिए अब हम detail में जान लेते है कि MICR CODE क्या होता है और इसकी जरूरत क्यों पड़ती है। और MICR code का मतलब क्या होता है तथा MICR code और IFSC CODE में क्या अंतर होता है।

MICR Code क्या है? और यह किस तरह से काम करता है?

MICR code का full form Magnetic Ink Character Recognition होता है। यह एक special तरह के character होते है जिनका इस्तेमाल verification process और cheque clearance के लिए किया जाता है। MICR code को India मे सबसे पहले 1980 में introduce करवाया गया था और इसे cheque clearing process और उसकी security के लिए उसी वक़्त से इस्तेमाल किया जाने लगा।

MICR code को print करने के लिए भी एक special प्रकार के magnetic ink का प्रयोग होता है और  MICR numbers को आप बड़े ही आसान तरीके से खुद भी पढ़ सकते है। लेकिन इस code की verification करने के लिए आपके पास खाश प्रकार की machine होनी चाहिए जो कि केवल banks के पास ही मौजूद होती है। MICR CODE को आपके financial transaction को protect करने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है और लेकिन आप MICR code को online money transactions के लिए उपयोग में नही लाया जा सकता है।

सभी banks के पास अपना एक MICR code होता है जिसके द्वारा RBI किसी bank की पहचान करता है और सभी transactions fast और smooth तरीके से सफल हो पाती है।

MICR code कैसे बनता है?

तो चलिए अब हम आपको बताते है कि MICR code को को कैसे बनाया जाता है और किस प्रकार से इसके numbers का एक particular मतलब है। तो चलिए जानते है वो मतलब क्या है।

MICR code 9 numbers का एक unique code होता है जिसमे बैंक का code number, area का code, और branch का code शामिल होता है। इस code को बहुत ही बारीकी के साथ design किया गया है ताकि money transactions में किसी तरह की कोई problem न हो।

जब किसी bank के द्वारा अपने इस्तेमाल के लिए cheque book बनवाते है तो आप ने उस cheque book में हर check के नीचे काफी dark ink से कुछ numbers लिखे हुए देखे होंगे जो कि MICR CODE होता है। MICR code में प्रतेक number का कुछ न कुछ meaning है जो हम आपको बताते है। MICR code में जो first 3 digits आपको city के बारे में बताते है कि cheque कौन से city से संबंधित है और next 3 digits bank के unique code के बारे में जानकारी देते है और आख़िरी के 3 digits आपके बैंक के बारे में जानकारी देते है।

अगर आपको किसी बैंक के MICR CODE के बारे में जानकारी चाहिए तो आप RBI की official website पर जाकर प्राप्त कर सकते है। वहाँ पर आपको सभी banks की MICR codes की list मिल जाएगी।

MICR code की वजह से कैसे किसी भी cheque clearance processing में तेज़ी आती है?

MICR code की वजह से ही आज हम cheques के द्वारा किसी भी payment को कुछ ही समय मे cash करवा सकते है। लेकिन जब MICR codes का उपयोग नही किया जाता था तब सभी cheques को manually तरीके से clear किया जाता था जिस वजह से 1 cheque को clear करने में काफी वक्त लग जाता था और कई बार को हफ़्तों का समय भी लग जाता था। लेकिन जब MICR code को RBI के द्वारा introduce किया गया और जब से cheque clearance के लिए इसका इस्तेमाल किया जाने लगा तब से cheque को verify करने और उसे clear करना तेज़ी से संभव हो पाया है। MICR code को iron oxide based ink का इस्तेमाल करके बनाया गया है और इसमें कुछ magnetic particles भी मौजूद होते है जिसकी वजह से MICR code को scanner machines के द्वारा पढ़ने में कोई दिक्कत नही होती है और यह process error prof भी होता है। MICR code इतने अच्छे तरीके से इस खाश ink की वजह से  छपते हैं कि उनको बिना machine भी आप खुद आसानी से पढ़ सकते है और यदि इसका ink कभी ज्यादा फैल भी जाता है तो scanner को इसे पढ़ने में बिल्कुल भी परेशानी नही होती है। और MICR code की वजह से transactions की security से भी compromise नही करना पड़ता है

MICR code और IFSC code में क्या अंतर होता है?

  • MICR code को print करते वक़्त उसमे खाश तरह की ink का उपयोग किया जाता है और उस ink में magnetic particles होते है जिसकी वजह से ‘MICR code scanner machine’ किसी भी प्रकार के code को आसानी से read कर लेती है। लेकिन IFSC code को ऐसे किसी ink की जरूरत नही पड़ती है क्यो कि इसका अधिकतर इस्तेमाल digitally होता है।
  • IFSC code का इस्तेमाल हम अपने money transactions के लिए करते है जैसे कि अगर आपको अपने bank से online तरीके से अपने money को किसी अन्य bank account में transfer करना चाहते है तो आपको उस transaction को complete करने के लिए IFSC code की जरूरत पड़ेगी। वही दूसरी तरफ MICR code का उपयोग security और cheque को जल्दी तरीके से clear करने के लिए किया जाता है। और इस MICR code को print करने के लिए एक खाश प्रकार के magnetic ink का उपयोग होता है।
  • MICR CODE में सिर्फ 9 digits के code को use किया जाता है। लेकिन IFSC code में 11 digits का प्रयोग किया जाता है।

MICR code के फायदे क्या है?

  • MICR code की वजह से cheques को तेजी से clear करने में मदद मिलती है और MICR codes की वजह से काम error free हो जाता है और अगर कभी गलती होती भी है तो उनकी संख्या न के बराबर होती है।
  • आज MICR code की वजह से सभी cheques को security प्रदान होती है और इसकी cloning करना भी या नष्ट करना बहुत ही मुश्किल होता है।
  • अब MICR codes का उपयोग अन्य प्रकार के सरकारी documents को भी secure करने में लिए इस code को उन पर print किया जाता है।

MICR code के नुकसान क्या है?

  • MICR technology काफी महंगी होती है और इसे इस्तेमाल करने में तथा एक paper पर MICR code को print करना का खर्च बहुत अधिक होता है।
  • MICR technology के द्वारा limited number of characters को ही read किया जा सकता है।
  • MICR scanner machines केवल खाश तरह के fonts को ही read करने के लिए बने होते है और यदि कभी कुछ character’s के print में mistake हो गयी या उसका standard सही नही हुआ तो scanner machine उन character’s को read नही करेगा और हर बार reject कर देगा।

Conclusion

दोस्तों आज अपने इस post में जाना कि MICR code क्या होता है और यह क्यो जरूरी हो गया है। MICR code का इस्तेमाल किस purpose के लिए किया जाता है, MICR code को किस प्रकार से design किया गया है और इसमें किस प्रकार के ink का उपयोग किया गया है। अब तक आप को इस post मे पता चल ही गया होगा कि MICR code का cheques को तेज़ी से clear करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। और आपको यह भी पता लग गया होगा कि आप कैसे किसी cheque के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है कि वह cheque किस area के bank से belong करता है। और cheques की cloning करना कितना मुश्किल होता है। लेकिन आप अपनी security के लिए किसी व्यक्ति से cheque को लेने से पहले हमेशा एक बार MICR कोड की भी जांच कर ले।

दोस्तों अगर आपको हमारी यह जानकारी अच्छी लगी हो और यदि आपने ने इस post के माध्यम से कुछ सीखा है तो इसे अन्य लोगो के साथ और अपने social media friends के साथ भी share करे ताकि यदि उनको MICR code की जानकारी नही है तो उनको भी इसके बारे में जानकारी प्राप्त हो सके।

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