क्या है Digital Signature? और इसे कैसे बनाये?

By | August 25, 2019

अगर आप digital signature के बारे में नही जानते है तो आज हम इस post में digital signature के बारे में आप लोगो को संक्षेप में पूरी जानकारी देने की कोशिश करेंगे।

आज हम लोग digital world में रह रहे है जहाँ सभी चीज़े virtual रूप से available होते है। यहाँ तक कि हम banking से related कार्यो को करने के लिए भी हम online banking जैसे माध्यमों का प्रयोग करते है। ऐसे में पैसों की चोरी हो जाने का डर हमे लगा रहता है। वही अगर हम bank से पैसों को निकालने के लिए offline medium जैसे कि form fill करके या फिर cheque के द्वारा जब बैंक से पैसे निकलते है, तब उसके लिए हमे अपनी सहमति प्रदान करने के लिए हम से signature करने को कहा जाता है, जो यह सिद्ध करता है कि जिन पैसे को withdraw करने की request की गई है वो आपके द्वारा ही की गयी है। लेकिन फिर भी bank आपके signature को अपने data recode के साथ match करता है और check करता है कि क्या जो signature किया गए वो आपका ही है या नही। यदि आपके द्वारा sign किया गया data base की recoded जानकारी के साथ match हो जाता है तो ही आपको bank पैसे देती है। वैसे ही online documents को verify करने के लिए भी एक तरह के signature का उपयोग किया जाता,उसे हम digital signature कहते है। digital signature online documents को protect करने के लिए किया जाता है।

आज कल जैसे कि आपको पता ही है कि online platform पर hacker हमेशा कह़ी न कही किसी के data की चोरी की फ़िराक में लगे रहते है और data की cloning करने की भी कोशिश करते रहते है और यदि कोई data hackers के हाथ लग जाती है तो वो लोग उसका गलत इस्तेमाल करते है। जिससे कि बहुत सी बड़ी बड़ी companies को कई बार नुकसान हो चुका है। इसी लिए data को secure करने के लिए digital signature का इस्तेमाल किया जाता है।

जैसा कि आपको पता है कि physical signature की cloning करना बहुत आसान होता है और बहुत से लोग ऐसा करते भी है, लेकिन digital signature को एक system के द्वारा बनाया जाता है, जिसमे कई तरह के combinations का उपयोग किया गया होता है और उस signature को secure करने के लिए उसे encrypted भी किया गया होता है। जिसे कोई भी व्यक्ति बिना decryption key के नही पढ़ सकता है। और यदि कोई encrypted data को hack कर के change करने की कोशिश करता है तो वह भी कर पाना संभव नही होता है क्योंकि यदि वो ऐसा करते है तो कई case में data नष्ट हो जाता है। आज कल digital signature का उपयोग government tenders को fill करने के लिए companies प्रयोग करती है। और सरकार company को उनके दिए गए signature के द्वारा ही verify करती है कि वह genuine है या fake.

तो चलिए दोस्तों हम आपको इस post के द्वारा जानकारी देते है कि digital signature क्या होता है और digital signature का प्रयोग क्यों किया जाता है यह कितने प्रकार कर होते है, digital signature को कैसे बनाया जाता है, digital signature आज के समय मे क्यों जरूरी है, और क्या इसका use करना legal है या नही।

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Digital signature क्या होता है? What is Digital Signature?

Digital signature एक इस तरह का signature है जिसके द्वारा आप किसी भी document की प्राणिक्ता का पता कर सकते है कि वह सही है या नही। digital signature को ऐसे तरीके से बनाया गया कि कोई भी व्यक्ति इससे छेड़छाड़ नही कर सकता है और न कि इसकी cloning की सकती है। और यदि कोई इससे छेड़छाड़ करता है तो आसानी से पता लग जाता है।

यह किसी  भी electronic document की उत्पत्ति और उसकी identity की जानकारी देता है जिसे digital signature द्वारा प्रमाणिक किया गया है।

जब हमे कोई व्यक्ति किसी document को digital signature कर के send करता है तो बाद में वह उस से मुकर भी नही सकता है की वो document उसका नही है, क्योंकि document में किए गए signature में उसकी identity भी होती है जिससे यह पता लगता है कि digital signature किस company या व्यक्ति का है।

यह आपके द्वारा की गई कागज़ी signature के मुकाबले बिल्कुल अलग होता है पर इसका कार्य भी आपकी identity और किसी document की प्रमाणिकता के लिए ही किया जाता है जैसे कि आपके द्वारा दिए गए cheque के ऊपर signature को valid check करने के बाद ही वो पैसे deposit beneficry के account में deposite होते हैं ठीक वैसे ही यहाँ document के valid करने के लिए digital signature की जांच की जाती है।

Digital signature को कहा से ख़रीद सकते है?

यदि आप अपने digital document को secure करना चाहते है या आप किसी government tender को fill करना चाहते है और उसके लिए आपको  को  digital signature प्राप्त करना चाहते है तो चलिए हम आपको बताते की  कैसे और कहा से आप इसे ख़रीद सकते है।

सबसे पहले मैं आपको बता दु की यह signature कुछ सालों तक ही valid होता है और यदि आपको उसके बाद भी use करना चाहते है तो आपको इसे renew करवाना होता है।

  • आपको सबसे पहले emudhradigital.com पर जाना होगा, मैं आपको ये site इस लिए बता रहा हु क्योकि यहाँ आपको बहुत से विकल्प detail में मिलते है।
  • अब आप यहाँ पर आने के बाद form को भर ले।
  • सबसे पहले आपको यहाँ select करना होगा कि आप को signature किस purpose के लिए चाहिए खरीदना चाहते है।
  • अब आपको certificate type select करना है यहाँ आपको मैं suggest करूँगा की आप both को select करना करे जिसमे आपको signature और encryption दोनों मिल जायेंगे।
  • यहाँ आपको class select करना है कि आप 2 class का लेना चाहते है या class 3 का जो भी आपको लेना हो select कर लिजीए।
  • अब आपको select करना है कि आप individual use करना चाहते है या फिर आप उसको business के लिए use करना चाहते है। और आपको validity कितने साल की चाहिए वो भी select कर ले।
  • अगर आप business के लिए digital signature को ले रहे है तो, आपको मैं यही suggest करूँगा की आप usb token भी apply करे यह आपको एक extra layer की security प्रदान करता है।
  • आपको आपको अपनी personal detail को आगे fill करना है जैसे कि अपना name, email, mobile no, address gender, area code और भी बहुत कुछ जो कि आपसे पूछा गया है form में,
  • वैसे ही यदि आपको business के लिए apply करना है तो form में extra option एक होगा, जहाँ आपको business की details देनी होगी।
  • जब आप अपनी personal details को भर लेंगे, तब आपको नीचे यहाँ एक option मिलेगा की आप usb token की delivery किस address पर चाहते है। यदि आपको कह़ी अन्य address पर delivery चाहिए तो आप (yes) पर click करे अन्यथा (no) का option choose करे।
  • अब आपको यहाँ नीचे document detail select करना है कि आप किस प्रकार के document के साथ verify करना चाहते है। उसे choose कर लिजीए।
  • अब आपको यहाँ सबसे अच्छा जो विकल्प मिल रहा है जो है कि आप या तो document को currier द्वारा send कर सकते है या फिर pickup from home के लिए apply भी कर सकते है। जिसमे company का कोई agent आपके document को घर से ले जाएगा।
  • अब आपको verify पर click कर देना है।
  • Next step में आपको payment को proceed कर दे और आपका फिर digital signature प्राप्त हो जाएगी।

Digital signature कैसे काम करता है?

अब जान लेते है कि यह कैसे कार्य करता है। तो मैं आपको बताना चाहूँगा कि यह cryptography के ऊपर कार्य करता है। यहाँ जब किसी भी digital signature को बनाया जाता है तब एक algorithm के माध्यम से private key और public key को generate किया जाता है जो कि आपस मे interconnected होते है। और फिर private key के द्वारा ही hash को भी encrypt किया जाता है। तथा जो data इसमें मौजूद होता है उसे data structure कहा जाता है।

यहाँ पर पूरे data की जगह हम hash को encrypt करते है क्योंकि इस hash function की मदद से ही हम input value को आसानी से बदल सकते है। यह बहुत fast होता है और छोटा होता है, जिससे कि हमारे time की भी saving होती है। यहाँ पर प्रतेक hash की value अलग होती है और यह एक unique private key तथा public के साथ जुड़ा होता है तथा जब hashing को decrypt किया जाता है तब decryption के दौरान, यह प्रतेक character की जांच करता है और अगर system उसमे किसी भी प्रकार की यहाँ तक कि एक भी character में कुछ भी बदलाव पाता है तो hash के data आपस मे match नही होंगे और यहाँ confirm हो जाता है कि अंदर मौजूद document या data के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है तथा उस data पर trust करना नही चाहिए।

अगर मैं को यह आसन भाषा में समझौता हु, तो आप इसे एक example से साथ समझ सकते है मान लिजीए की आपको कुछ digital sign document को send करना है तो सबसे पहले आप उसे hashing algorithm के द्वारा hash करेंगे और फिर उस data की अधिक security प्रदान करने के लिए उसे private key द्वारा encrypt करेंगे। अब data send होने के लिए तैयार है। आप उसे send करेंगे फिर जब वह document receiver को प्राप्त होगा तब उस data को public key के द्वारा decrypt करना होगा और यदि आपके public key से data पूर्ण रूप से decrypt हो जाता है तो उसे ही आप valid data मानेंगे।

Digital signature कितने प्रकार के होते है?

अगर आपको नही पता है कि Digital signature कितने प्रकार के होते है तो हम बता देते है, कि यह दो प्रकार के होते है एक है class 2 category और दूसरा class 3 category होता है। तो चलिए इन दोनों categories के बारे में detail में जान लेते है।

Class 2 digital signature

Class 2 digital signature चार तरीकों का होता है। वो है और इसके द्वारा आप document data को सुरक्षित कर सकते है।

  • Individual- इस digital signature में आप GST number apply कर सकते है और दूसरे छोटे मोटे काम भी कर सकते है और data को transfer कर सकते है। इसकी कीमत लगभग 2000 रुपए के आसपास होती है
  • Individual with organization– इस digital signature को आपका नाम और आपके company का नाम दोनों को marge करके एक unique id बनाई जाती है। यदि आप कोई proprietors की company चला रहे है तो आपको इस signature को use करने की जरूरत होती है।
  • Individual with encryption– यहाँ आपको encryption का support मिलता है। इसका मतलब ये होता है कि यदि एक ही server पर आपका और किसी अन्य व्यक्ति का data है और वो व्यक्ति आपके data को देख रहा लेकिन आप नही चाहते है कि कोई भी आपके data को पढ़े, तो आप encryption के द्वारा data को encrypt कर देते है और उस data को केवल key के द्वारा ही decrypt किया जा सकता है जो कि receiver के पास होगा तथा बीच मे कोई अन्य व्यक्ति इसको पढ़ नही पाएगा। इस तरह इसमें आपको एक extra security की layer प्राप्त होती है।
  • Individual with organization encryption- इस digital signature में आपको आपके नाम और company के नाम के combination के साथ जोड़ कर बनाया जाता है यहाँ पर आपको encryption का support भी मिलता है जिसके द्वारा आप अपने data को और भी secure कर सकते है।

Class 3 digital signature

Class 3 digital signature के साथ अपने सभी तरह के काम कर सकते है आप इससे सभी तरह के government tender भर सकते है, इसके द्वारा आप GST return file कर सकते है, income tax भी भर सकते है। यह businesses के लिए सही होता है। और class 3 digital signature चार तरह के होते है।

  • Individual- individual में आपको simple प्रकार का digital signature मिलता है और आप इस signature के साथ कुछ छोटे काम ही कर सकते है। और यदि आप इसे लेते है तो इसकी कीमत आपको 2000 के पास खर्च आता है।
  • Individual with organization– यह digital signature भी आपके नाम और organization के नाम से मिलकर बना होता है और इसका उपयोग आप tender fill या फिर gst जैसे कामो को करने में इस्तेमाल कर सकते है।
  • Individual with encryption- यहाँ आपको digital signature के साथ data encryption का support मिलता है जिसके द्वारा आपका data और भी secure हो जाता है। और आपके द्वारा send किए गए data को केवल receiver ही decrypt कर सकता है।
  • Individual with organization encryption- यहाँ भी आपको class 2 की तरह signature को आपके नाम और आपकी company के नाम तथा आपके gst number के combination के द्वारा को बनाया जाता है। लेकिन इसमें आपको data encryption का support मिलता है, जिससे कि आप data को secure रूप से कही भी भेज सकते है। यहाँ data को encrypt और decrypt करने के लिए private key और public key का इस्तेमाल किया जाता है।

Private key और public key क्या होता है?

Private key जिसे secret key भी कहा जाता है यह केवल उसके पास होता है जिसके द्वारा document को encrypted किया गया होता है। और उसका एक public key भी होता है जो कि receiver के पास होता है. जिसकी मदद से receiver data को decrypt करता है और उसे access कर पाता है। हर user के पास एक unique encryption और decryption key होता है, जो कि कभी भी किसी अन्य user के साथ match नही करता है। यह आज के जमाने के हिसाब से सबसे सुरक्षित technology है।

Digital signature को केवल trusted संस्था या company के द्वारा ही उपलब्ध करवाया जाता है, जिसे certificate authority कहते है। जैसा कि हमने आपको ऊपर भी बताया है कि यह आपके document को valid होने का प्रमाण देता है।

आप कभी भी अपना private key किसी भी third party या व्यक्ति के साथ कभी भी share न करे, नही तो कोई भी व्यक्ति आपके data को access कर सकता है।

क्या digital signature सरकारी रूप से मान्य है या नही?

यदि आप सोच रहे हैं कि क्या डिजिटल सिग्नेचर मान्य है या सरकारी रूप से मान्य नहीं है तो हम आपको बता दें कि यह पूरी तरह से मान्य होता है। क्योंकि बहुत से सरकारी कार्यों में भी digital signature का उपयोग किया जाता है

Digital signature किस प्रकार से paper signature से अलग है?

अगर आपको लगता है कि digital signature ऐसे ही simple signature की तरह होता होगा, जिसमें आपका sign किया हुआ कोई soft copy होगा, तो मैं आपको बता दु की आप यह गलत सोच रहे है। इसे आपको खरीदना होता है। जिसकी validity कुछ साल की होती और आपको उसके बाद renew करवाना होता है। जिसके लिए आपको 1000 – 1500 रुपए तक देने पड़ सकते है। और यदि आप फिर से renew नहीं करवाते है तो आपका digital signature मान्य नही रहता है। digital signature paper signature से कई मांयनो में अलग होता है। अगर मैं digital signature की बात करूं, तो यह पूरी तरह से secure रहता है और आपको data का trust भी रहता है कि वो सही है या नही या फिर किसी ने बीच मे डेटा से साथ छेड़छाड़ की है। और यदि digital signature के साथ बीच मे छेड़ छाड़ की होती ही और जब आप उसे private key द्वारा खोलते है  और उसका 1 bit भी यदि इधर उधर हुआ या value सही नही आया, तो आपको पता लग जाता है कि डेटा के साथ कुछ किया गया है। वही अगर मैं paper signature की बात करूँ तो यहाँ cloning और धोखे बाज़ी जैसी चीज आम है। आज कल कोई भी व्यक्ति बड़ी आसानी से किसी के भी signature की copy कर लेता है। और उसको सिद्ध करना भी मुश्किल होता है कि वह copy है या real है। वही अगर digital signature की बात कर तो यहाँ किसी का भी signature का clone बना पाना नाममुंकिन्न होता है। क्योंकि उसमें private key को generate किया जाता है और उसी की मदद से data को secure किया जाता है। वही paper signature में ऐसा कुछ नही होता है वो केवल plan paper पर आपके हाथों के द्वारा किया गया sign होता है और उसको करने का  style ये validate करता है कि वह signature आपके द्वारा किया गया है। यहाँ security की कोई guarantee नही  होती है।

Digital signature के फायदे क्या है?

तो चलिए अब digital signature से हमे क्या क्या फायदे होते उनके बारे में जान लेते है। और यह कैसे हमारे data को protect रखता है और उसकी valid होने की प्रमाणिक्ता देता है।

  • Digital signature के द्वारा हमे पता चलता है कि जो document हमने किसी से receive किया है वो original है या नही।
  • Digital signature के द्वारा आपका data सुरक्षित रहता है और इससे कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की छेड़ छाड़ नहीं कर सकता है।
  • डिजिटल सिग्नेचर पूरी तरह से secure और encrypted होता है, ताकि कोई भी व्यक्ति आपके data को आसानी से प्राप्त न कर सके।
  • इसका इस्तेमाल किसी digital document, financial transaction, software आदि में किया जाता है ताकि नकली या गलत तरीके से काम करने वाले व्यक्तियों को पकड़ा जा सके।

Conclusion

मुझे लगता है अब आपको digital signature के बारे में जानकारी प्राप्त हो गयी होगी, हमने आपको इस post में digital signature क्या होता है, इसे कैसे इस्तेमाल किया जाता है, digital signature के कितने प्रकार होते है, digital signature के क्या लाभ है और companies आज कल digital signature का उपयोग इतनी तेजी से क्यों कर रही है। इस सभी चीज़ों के बारे में हमने जानकारी देने की कोशिश की है। ताकि यदि  आप किसी भी documents को online send करते है तो आप का document secure रूप से transfer हो।

दोस्तों आय दिन internet पर data की चोरी होती रहती है और आजकल internet पर hackers की संख्या बहुत बढ़ गयी है और कई हैकर्स हमेशा इसी फिराक में रहते है कि कब उनके हाथ किसी का कोई important data लग जाए, जिसे वो लोग उसके खिलाफ या फिरौती मांगने के लिए इस्तेमाल कर सके। इस लिए आज data को internet पर secure रखना बहुत जरूरी है, खाश कर तब जब आप किसी के कोई sensitive document को share कर रहे है। हमारे समाज मे पहले digital चीज़ों की जानकारी कम थी, लेकिन आज के समय के युवाओं को digital चीज़ों की जानकारी है, और वो लोग hacking और data की security को लेकर हमेशा चिंतित रहते है ताकि उनका data कह़ी किसी गलत संस्था या व्यक्ति  के हाथ न लग जाए जिसकी वजह से उनको future में कोई परेशानी हो। इस लिए लोग अब secure server और websites के  through ही किसी भी काम को करते है। मैं उम्मीद करता हु की आपको इस पोस्ट के द्वारा कुछ जानकारी देने में सफल हो पाया होऊंगा, जो आपके काम आए और मेरी हमेशा से कोशिश भी यही रहती है कि आप लोगो को सही और उपयोग योग्य जानकारी प्रदान करूँ।

दोस्तों अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो आप इस post को अपने family members के साथ तथा अपने social media friends के साथ ज़रूर share करे ताकि उनको भी digital signature जैसे विषय के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके और वो लोग भी secure तरीके से अपने documents या data को send और receive कर सके।

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