Article 370 क्या है और क्या है इसका इतिहास?

By | August 21, 2019

अगर आपको अभी तक पता नही है कि article 370 क्या है और आप इस ‘article 370’ के विषय में पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे इस पोस्ट से अब बने रहिए। अभी हाल में ही धारा 370 को समाप्त कर दिया गया है जिसके बाद पूरे जम्मू कश्मीर में कर्फ्यू लगा दी गई है और वहाँ के सभी नागरिकों को घर में ही रहने के लिए बोला गया है. यह सब security purpose के तौर पर किया गया है ताकि अगर किसी प्रकार की कोई भी घटना हो तो उसमें नागरिकों के जान माल का नुकसान ना हो। लेकिन अब जम्मू कश्मीर के हालात काफी हद तक normal है और धीरे धीरे सरकार और जम्मू कश्मीर के प्रशासन सभी चीज़ों पर ढील दे रहे है।

लेकिन भारत के गृह मंत्री ने जब अनुच्छेद 370 को हटाने का ऐलान किया था तब पूरे देश में एक खलबली सी मच गई थी। लेकिन हमारी सरकार का सभी लोगो ने बहुत support किया और जम्मू और कश्मीर के लोगों ने भी इस फैसले में सरकार का पूरा समर्थन किया तथा पूरे देश ने भी इस फैसले की सराहना की। article 370 की वजह से सरकार को development के कार्य को करने के बहुत कठिनाई हो रही थी, क्योंकि धारा 370 की वजह से ही वहां पर कोई भी अन्य राज्य का व्यक्ति ज़मीन नहीं ख़रीद सकता था और न ही कोई जम्मू या कश्मीर की लड़की India के अन्य राज्य के लोगो के साथ विवाह कर सकती थी, यदि वो ऐसा करती तो उनकी कश्मीरी नागरिकता खत्म हो जाती। article 370 की वजह से ही जम्मू कश्मीर को एक विशेष state का दर्जा मिला हुआ था। इसी वजह से वहाँ पर किसी भी कार्य को पूर्ण आज़ादी से करने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता था। यहाँ तक जम्मू और कश्मीर का अपना अलग संविधान था। जिसे राज्य सरकार की मदद से चलाया जाता था और वहां पर supreme court के किसी भी order को पालन करने के लिए कोई भी बाध्य नहीं था। हालांकि अब article 370 पूरी तरह से इतिहास का पन्ना बन गयी है और इसको खत्म करने में हमारे सरकार की मंशा यही है, कि हमारे भारत मे सभी के लिए एक समान कानून हो और हर व्यक्ति अपने आप को समान समझे। फिलहाल सरकार की योजना साफ है कि जम्मू और कश्मीर को प्रगति के रास्ते पर लेकर जाना है और वहाँ के नागरिकों को वो सभी सुविधाएँ प्रदान करनी है जो देश के अन्य राज्यों में सभी को मिलती है।

तो चलिए अब विस्तार से जान लेते है कि article 370 क्या था और इससे क्यों लगाया गया था। और article 370 की वजह से जम्मू और कश्मीर किस प्रकार से अलग और विशेष state का दर्जा प्रदान करता था।

Article 370 क्या था?

Article 370 जम्मू और कश्मीर में 17 नंबर1952 को पूर्ण रूप से लागू किया किया गया था और इसकी वजह से ही जम्मू और कश्मीर को एक special state होने का अधिकार प्रदान करता था। जिसकी वजह से भारत की सरकार और हमारे संविधान द्वारा बताएं गए कानून जम्मू और कश्मीर पर लागू नही होते थे। यदि जम्मू और कश्मीर पर किसी कानून को लागू करना होता तो उसके लिए राष्ट्रपति को विशेष रूप से आदेश जारी करना पड़ता था। और article 370 के कारण ही जम्मू कश्मीर के पास अपना खुद का राज्य चलाने का और खुद का संविधान बनाने की भी इजाजतथी। और जो supreme court के सभी आदेश पूरे भारत मे लागू होते है वो भी वहाँ पर मान्य नही थे, जिसकी वजह से जम्मू और कश्मीर के लोग और वहाँ का प्रशासन कुछ भी अपनी मर्ज़ी और आज़ादी से बेख़ौफ़ तरीके से कर सकता थे। जिसका परिणाम ये हुआ कि वहाँ पर आतंकवाद बढ़ने लगा और लोगो पर ज़ुल्म भी होने लगा। लेकिन यहाँ पर जो चीज़ central government के हाथ बांध कर रखता था वो article 370 था, जिसकी वजह से सरकार चाहे तो भी कुछ नही कर सकती थी। केंद्र सरकार के पास केवल कुछ ही चीज़ों का अधिकार था और यहाँ तक कि 370 की वजह से ही भारत की अन्य agencies जैसे कि CBI हो गयी या income tax department हो गया’ ये सभी लोग भी यहाँ किसी के खिलाफ कोई action नही के सकते थे। जिसकी वजह से जम्मू और कश्मीर में corruption भी बहुत तेज़ी से बढ़ा और वहाँ के development में जो कार्यो होने थे वो भी उतनी तेज़ी से नही हो पाए। हालांकि article 370 को इस लिए संविधान में शामिल किया गया था कि वहाँ पर लोगो का विश्वास बना रहे और वो खुद को सुरक्षित महसूस कर सके, लेकिन हुआ इसके उलट और आने वाली सरकारों ने इसका फायदा उठाना शुरु कर दिया।

Article 370 वजह से ही आप यह भी कह सकते थे कि एक ही देश मे एक छोटा देश भी अपना अस्तित्व रखता था जो की बेहतर भविष्य के लिए सही नही था और इसी की वजह से भारत को बहुत समय तक आर्थिक और सामाजिक तौर पर नुकसान का सामना करना पड़ा।

Article 370 को किस प्रकार से समाप्त किया गया?

अगर आप सोच रहे है कि आखिर इस article 370 को खत्म करने में इतना समय क्यो लगा, तो हम आपको बता दे कि article 370 को खत्म कर पाना इतना आसान नही था और इसको खत्म करने के लिए बहुत प्रकार की बाधाएं थी। लेकिन भारत की BJP सरकार ने इसका हल निकाला और article 370 को 5 august 2019 को इतिहास के पन्नों में शामिल कर दिया। तो चलिए आपको उन बाधाओं के बारे में बताते है जिसे पार करके सरकार ने धारा 370 को हटाया।

सबसे पहले तो Article 370 को हटाने के लिए केन्द्र सरकार को जम्मू और कश्मीर की मौजूदा सरकार से इसके लिए approval लेना पड़ता। लेकिन बीते वक़्त में पिछली सरकारों ने ऐसा करने का सोचा लेकिन जम्मू कश्मीर की किसी भी पहले की सरकार ने भारत के केन्द्र सरकार की इसमें किसी प्रकार से मदद नही की, लेकिन इस बार हुआ ये की जब धारा 370 को हटाने का bill लाया गया, तो जम्मू और कश्मीर में किसी भी party की सरकार नही थी और वहाँ का शासन governor के द्वारा चलाया जा रहा था और governor ने धारा 370 को हटाने वाले bill पर अपने हस्ताक्षर देखकर मंजूरी दे दी तथा राष्ट्रपति ने भी उस bill पर हस्ताक्षर कर के एक notification द्वारा आदेश जारी कर दिया। अब इस bill को संसद में पारित करना था, तो इसे संसद में पेश किया गया तथा वहाँ मेजोरिटी वोट के साथ article 370 इतिहास के पन्नों में शामिल कर दिया गया। यह सभी कार्य मौजूदा सरकार के ग्रह मंत्री अमित शाह जी की देख रेख में किया गया।

Article 370 की history क्या है?

Article 370 के लागू होते ही बहुत से लोगो ने इसका विरोध भी किया लेकिन उस समय किसी ने भी विरोधियों की कोई बात नही सुनी जिस का नतीजा है कि, जम्मू और कश्मीर में 5 अगस्त 2019 तक article 370 का पालन किया जाता था। हालांकि अब यह केवल एक इतिहास बन कर रह गया है।

जब भारत आज़ाद हुआ था और जब सभी चीज़ों का बँटवारा हुआ और Pakistan बना तब बहुत से ही बहुत तरह की बाते और मसले थे। लेकिन उस समय जम्मू और कश्मीर एक आज़ाद देश के रूप में था और वहाँ के  राजा हरि सिंह का राज था और उन्ही के द्वारा बनाए गए कानून चलते थे। लेकिन उनकी सभी चीजों में फारूख अब्दुल्ला ही मदद किया करते थे। जम्मू कश्मीर में maximum आबादी मुस्लिम लोगो की थी और जो कुछ हिन्दू वहाँ रहते थे उन में से maximum कश्मीरी पंडित थे जो कि बहुत ही धन-वान हुआ करते थे जिस वजह से वहाँ की problems बढ़ने लगी और मुस्लिम समुदाय के लोग और कश्मीरी पीड़ितों के बीच मे काफी झगड़े होने लगे, लेकिन यहाँ तक तो सब ठीक था बात जाकर तब बिगड़ी, जब पाकिस्तान की सेना ने आज़ाद कश्मीर पर हमला कर दिया और कश्मीर को हथियाना शुरु कर दिया।

दरअसल कश्मीर के पास इतने resources नही थे कि वो खुद को safe रख सके, इसलिए जम्मू कश्मीर के राजा को यह चुनना था कि वो किसके साथ जाना चाहते है पाकिस्तान के साथ या भारत के साथ, तो हरि सिंह जो कि वहाँ के राजा थे उन्होंने एक standby agreement sign किया ताकि उनको कुछ समय सोचने का मिल जाए, लेकिन पाकिस्तान का सबर का बांध टूट गया और उन्होंने कश्मीर पर हमला कर दिया जिसकी वजह से राजा हरी सिंह ने भारत से मदद मांगी। लेकिन नेहरू ने मदद के बदले कहा कि आप Jammu & Kashmir को भारत मे विलय कर दिजीए और हरी सिंह ने 26 अक्टूबर 1947 वैसा ही किया तथा जिसके बाद भारतीय सेना ने कश्मीर से पाकिस्तान की सेना को खदेड़ दिया, लेकिन इससे पहले भारत पूरी तरह से कश्मीर पर कब्ज़ा कर पाता नेहरू ने युद्ध विराम का आदेश दे दिया और जम्मू & कश्मीर मसले को United Nation में ले गए ताकि इसका हल शांति से और बिना खून ख़राबे के हो सके।

जम्मू और कश्मीर के भारत मे विलय होने के बाद इसको एक अलग और विशेष रूप से शक्ति प्रदान की गई थी ताकि वहाँ के लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सके और Jammu & Kashmir राज्य के लिए article 370 को लाया गया था जो कि वहाँ के राज्य को अलग संविधान बनाने की इजाज़त देता था। article 370 को फारूख अब्दुल्ला और नेहरू की मौजूदगी में गोपाल-स्वामी अयंगर द्वारा लिखा गया था और 1949 में इसे लागू किया गया था।

भारत सरकार केवल जम्मू और कश्मीर के तीन चीज़ों पर ही control था वो है security, international मामले और connectivity तथा इन सब के अलावा केन्द्र सरकार वहाँ के किसी भी फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता था। लेकिन यहाँ पर article 370 का भारत के संविधान में इस शर्त पर शामिल किया गया था कि article 370 temporary है और यह बात साफ तौर पर लिखी भी गयी थी। हालांकि article 370 केवल अब इतिहास है और अब जम्मू और कश्मीर में पूर्ण रूप से केवल भारतीय क़ानूनों का भी पालन होगा जिससे सरकार को सभी प्रकार के फैलशलो को लेने में आसानी होगी।

Article 370 की वजह Jammu & Kashmir के लोगो को किस प्रकार का facilities मिलती थी?

Article 370 के होने से जम्मू और कश्मीर के नागरिकों को बहुत प्रकार विशेष सुविधाएँ दी गयी थी लेकिन उन सभी सुविधाओं का वहाँ की सरकारों ने बहुत गलत तरीके से इस्तेमाल किया और कश्मीरी लोगो का किसी प्रकार से मुनाफ़ा नही हुआ बल्कि उल्टा वहाँ पर बेरोज़गारी की समस्या बढ़ती चली गयी। हालांकि जम्मू और कश्मीर को ये सभी सुविधाएँ केवल वहाँ की बेहतरी के लिए दी जाती थी मगर लंबे समय तक कोई improvement न होने के बाद आखिर में इसे खत्म कर ही दिया गया। तो चलिए जान लेते है कि कैसे article 370 की वजह से जम्मू और कश्मीर के लोगो को facilities मिलती थी।

  1. इस article की वजह से कोई भी बाहर का नागरिक यानी कि others state का नागरिक वहाँ पर किसी प्रकार की जगह, ज़मीर नही ख़रीद सकता था।
  2. जम्मू और कश्मीर का अलग से संविधान था जिसकी वजह से वहाँ कोई अन्य सरकार और Centre किसी तरह की कोई interference नही कर सकती थी और वहाँ के मौजूदा सरकार की जो मर्ज़ी हो वो कर सकते थे।
  3. Special दर्जा होने की वजह से जम्मू और कश्मीर के लोगो के पास दो जगहों की नागरिकता प्राप्त थी। जो कि एक जम्मू और कश्मीर का और दूसरा India का नागरिक होने का।
  4. Article 370 की वजह से जम्मू और कश्मीर के लोग भारत के अन्य राज्यों में आसानी से आ जा सकते थे लेकिन अगर आपको या किसी अन्य राज्य के लोगो को जम्मू या कश्मीर जाना होता था तो उनको पहले permission लेना पड़ता था।
  5. धारा 370 हटने से पहले जम्मू कश्मीर का अलग से अपना state flag था और वहाँ पर भारत का तिरंगा राष्ट्रीय ध्वज के रूप से फहराया जाता था। एक तरह से कह ले कि identity के तौर पर ही था। पर अब वहाँ पर भी India का national flag ही होगा और कोई अन्य flag नही होगा।
  6. यदि जम्मू और कश्मीर का कोई व्यक्ति भारत के संविधान का या फिर भारत के ध्वज या किसी अन्य जैसे कि राष्ट्रीय गान, राष्ट्रीय गीत का आदि, अपमान करता था तो वह दंडित अपराध की श्रेणी में नही आता था।
  7. पहले यदि कोई जम्मू कश्मीर की महिला भारत  के किसी अन्य राज्य के किसी पुरुष के साथ विवाह कर लेती थी, तब उसकी जम्मू कश्मीर की नागरिकता समाप्त कर दी जाती थी और उसका वहाँ के property पर कोई अधिकार नही रह जाता था और यदि वो किसी पाकिस्तानी नागरिक से विवाह कर ले तो कोई फर्क नही पड़ता था.
  8. यदि वहाँ की महिला किसी पाकिस्तानी नागरिक से विवाह कर लेती थी तो उस पाकिस्तानी नागरिक को भारत की नागरिकता मिल जाती थी। और यदि कोई वहाँ का नागरिक पाकिस्तान की नागरिकता पा लेने के बाद जब कभी फिर से वापिस आकर जम्मू कश्मीर में रहने लगता था, तब उसको भारतीय नागरिकता वापिस मिल जाती थी। हालांकि भारत के संविधान के अनुसार यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है और किसी अन्य देश मे settle हो जाता है तो उसकी देश की नागरिकता वही समाप्त हो जाती है।
  9. जम्मू कश्मीर में पहले यदि Centre government कभी emergency लगने का फैसला करती तो ऐसा कर पाना मुमकिन नही था। ऐसा करने के लिए Centre को पहले वहाँ की मौजूदा सरकार से इज़्ज़त लेनी पड़ती तभी आगे कुछ Centre government कदम बढ़ा सकती थी।
  10. जम्मू और कश्मीर में केवल वहां के व्यक्तियों को ही नौकरियाँ और सरकार के द्वारा दी जाने वाली scholarships मिलती थी और यदि कोई बाहर का नागरिक हो तो उसे वहाँ की government job या scholarships का हक़दार नही था।
  11. Article 370 की वजह हमारे संविधान का कोई भी संशोधन यहाँ लागू नई होता था और करना लागू करना हो तो उसके लिए राष्ट्रपति के आदेश की अवरसक्ता होती थी।

इन्ही विशेष अधिकारों की वजह से जम्मू और कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा हासिल था और जिसकी वजह से केंद्र सरकार चाह कर भी कुछ नही कर सकती थी। इस तरह के special कानून की वजह से एक भारत एक कानून का सपना भी पूरा नही हो सकता था जो कि हमारे और हमारे उज्ज्वल भविष्य के लिए जरूरी है।

Article 370 को कब हटाया गया और इससे Jammu और Kashmir पर क्या फर्क पड़ेगा?

जम्मू कश्मीर में Article 370 को हटाने की घोषणा 5 अगस्त 2019 को की गयी और 6 अगस्त 2019 को पूर्ण रूप  हटाया गया और इस के हटाने की वजह से जम्मू और कश्मीर में रहने वाले लोगो पर बहुत प्रभाव पड़ा है। अब वहाँ पर भी सभी लोगो को एक समान भारत के संविधान का अधिकार मिलेगा और सभी को वो सभी संसाधन मिलेंगे जिसकी वजह से वहाँ के लोग तरक्की की तरफ कदम बढ़ा सकेंगे। तो चलिए इससे होने वाले impact के बारे में जान लेते है।

  • धारा 370 का अंत हो जाने की वजह से जम्मू और कश्मीर को और वहाँ के नागरिकों को जो विशेष दर्जा प्राप्त था अब वो नही रहेगा।
  • जम्मू और कश्मीर का अब कोई अलग से संविधान नही होगा और वहाँ पर केवल भारत का ही संविधान के अंतर्गत जो अधिकार और कानून आते है वो उन सभी पर लागू होंगे और वहाँ के सभी नागरिकों को अब एक कानून का पालन करना होगा।
  • केंद्र सरकार के पास राज्य के ‘कानून व्यवस्था’ का पूर्ण अधिकार होगा और वहाँ के राज्य सरकार इसमें किसी तरह की कोई हस्तक्षेप नही करेगी। वहाँ पर भी दिल्ली की तरह एक Governor होगा जो कानूनी और police के मसलों को handle करेगा।
  • जम्मू और कश्मीर में अब supreme court के द्वारा दिए गए सभी आदेश मान्य होंगे और सभी को पालन भी करना होगा।
  • इस धारा के खत्म होने के बाद भारत का कोई भी नागरिक चाहे वो किसी भी राज्य का हो, वो जम्मू और कश्मीर में property ख़रीद सकता है।
  • अब जो industrialist पहले वहाँ निवेश करने से कतराते थे या फिर वहाँ के कानून की वजह से निवेश नही कर पाते थे, अब उनको निवेश करने आसानी होगी जिससे कि वहाँ रोज़गार के अवसर बढ़ेगे और नागरिकों को रोज़गार मिलेगा।
  • अब जम्मू और कश्मीर की महिलाएं किसी भी अन्य राज्य के नागरिक से विवाह कर सकती है और उनके अधिकार भी समाप्त नही होंगे।
  • जो कश्मीरी पंडित कश्मीर को छोड़ कर अन्य राज्यों में पलायन कर चुके है, उन लोगो को वापसी करने में आसानी होगी।
  • अब जम्मू कश्मीर में भी राज्य सरकार होगी जिसके कुछ नियम होंगे लेकिन वहाँ के राज्य सरकार के पास राज्य का पूरा control नही होगा।

Article 370 का विरोध कब से किया जा रहा है और क्यो?

Article 370 के खिलाफ शुरूआत से ही विरोध हो रहा है। जब इसके लिए draft को बनाने के लिए भीमराव अंबेडकर से कहा गया तब उन्होंने ने उसे बनने से साफ साफ मना कर दिया, जिसकी वजह से बाद में फारूख अब्दुल्ला को आगे आना पड़ा और नेहरू तथा अब्दुल्ला की मौजूदगी में गोपाल-स्वामी अयंगर ने draft को तैयार किया था।

इस धारा के खिलाफ श्याम प्रसाद मुखर्जी ने लड़ाई लड़ने की और article 370 को खत्म करने की मांग की और इसके खिलाफ अभियान भी किया, लेकिन उनको कानूनी हिरासत में ले लिया गया और उनकी गुप्त रूप से मौत हो गयी। लेकिन article 370 को हटाने के लिए कई सरकारों ने बहुत प्रयत्न किए, लेकिन कोई भी सरकार article 370 को हटा नही सकीं परन्तु bjp की सरकार ने इसे 2019 में साकार कर दिखाया।

जानकारी Article 35A के बारे में

Conclusion

दोस्तों आप ने इस post के द्वारा जाना कि article 370 को क्यों भारत के संविधान में जोड़ा गया और इसकी वजह से किस प्रकार केन्द्र सरकार के हाथ बांध गए। article 370 को कब हटाया गया, article 370 की वजह से जम्मू और कश्मीर के लोगो को क्या फायदा और नुकसान होता था और किस प्रकार से article 370 की वजह से वहाँ की पिछली सरकारों ने घोटाले किए, जिसकी वजह से जम्मू कश्मीर आज काफी पीछे रह गया और article 370 के खत्म होने के बाद जम्मू और कश्मीर के नागरिकों को कैसे फायदा प्राप्त होगा।

जम्मू और कश्मीर दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है और यहाँ पर पर्यटन बहुत अधिक है। लेकिन खराब हालातों की वजह से यहाँ की GDP growth नही कर पाई है। लेकिन अब इस धारा के हट जाने की वजह से इस राज्य पर पूरी तरह से control अब Centre का है और वहाँ के नागरिक को अब भारत सरकार के तरफ से दी जाने वाली सभी परियोजनाओं का लाभ भी मिल पाएगा, जिससे कि जम्मू और कश्मीर के हालात सुधरेंगे और वहाँ के नागरिकों को रोज़गार मिलेगा। जिससे वहाँ के लोग भी भारत के growth में अपना पूर्ण योगदान दे पाएंगे।

दोस्तों आपको हमारी यह जानकारी कैसी लगी आप हमें अपनी राय comment के द्वारा ज़रूर बताएं और इस पोस्ट को अपने family members और अपने social media के दोस्तों के साथ ज़रूर share करे ताकि उनको भी article 370 के बारे में पूर्ण जानकारी मिल पाए और उनको भी यह समझ आए की इसे हटाना क्यों भारत सरकार के लिए और हमारे देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए जरूरी था।

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